यह काव्य-संग्रह जीवन की अनकही भावनाओं, खामोशियों और अनुभवों का संवेदनशील दस्तावेज़ है। प्रेम, वियोग, आत्म-अन्वेषण और आशा जैसे भावों को सरल, सहज और गहन भाषा में पिरोया गया है। हर कविता पाठक को अपने भीतर झांकने, महसूस करने और समझने का अवसर देती है। यह पुस्तक केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि उन क्षणों का आईना है जो हम अक्सर अनसुने छोड़ देते हैं। पाठक इसे पढ़ते हुए अपने अनुभवों और भावनाओं से जुड़ाव महसूस करेंगे और जीवन की नाजुक सुंदरता और संवेदनाओं की गहराई का अनुभव कर पाएंगे।
अल्फ़ाज़ों के पार
SKU: 9798900817712
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Author’s Name: Dhruvika Singhal
About the Author: ध्रुविका सिंघल कंप्यूटर साइंस की स्टूडेंट हैं, राजस्थान में रहती हैं। उसे अनोखी और अलग चीजें तलाशना पसंद है, और इन्हें मेकअप करना बहुत पसंद है, इन्हें बैडमिंटन खेलना भी बहुत पसंद है।
Book ISBN: 9798900817712
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