Description of the Book:
यह किताब 2011 -2021 के बीच समाज और देश को लेकर लेखिका की सूक्ष्म विश्लेषण की आदत और कविताओं की पृष्ठभूमि के गहराते विस्तार की परिणति है। ये कविताएं मानव अधिकारों और बराबरी के लिए ज़मीनी कहानियों को अपनी नज़र से देखने और कहने की कोशिशें हैं। इन कविताओं में लेखिका का यथार्थवादी और काल्पनिक धरातल अक्सर एक दूसरे में समाता हुआ नज़र आता है।
अरी ओ ज़िन्दगी!
SKU: 9789357697880
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