"
इस पुस्तक में संग्रहित कविताएँ एक अंतर्मुखी मन की उलझन, पीड़ा और आशाओं को व्यक्त करती हैं। ये मन में पनप रही इच्छाओं को तो उभारती ही हैं, कहीं आध्यात्मिक स्वर में दार्शनिक प्रश्नों को भी छेड़ती है। इन कविताओं में ये जगत और प्रकृति विद्यमान है, तो इससे परे जो भी सत्ता है उस ओर झांकने का प्रयास भी है। ये मन में उठते राग और विराग की अभिव्यक्ति हैं।"
अभिलाषा
Author’s Name: डॉ. प्रतिभा पंवार
About the Author: डॉ. प्रतिभा पंवार वर्तमान में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और साहित्य में उनकी विशेष रुचि है। प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में उनके अनेक शोध-पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। तीन वर्षों के अध्यापन अनुभव के पश्चात्, उनकी सृजन की अभिलाषा को साकार करने की यात्रा अब एक पुस्तक के रूप में पूर्ण हो रही है। यह कवयित्री की प्रथम पुस्तक है।
Book ISBN: 9789373142210
.png)
