Description of the Book:
नम्रता जेना की पहली पुस्तक "अभिनंदिता" एक कविता संग्रह है। यह पुस्तक हमें अपने जीवन को उत्सव के रूप मनाने का संदेश देती है। इस पुस्तक की कविताऍं विविध विषयों पर लिखी गयी हैं जो कवयित्री के जीवन के खूबसूरत पलों और उनकी ज्वलंत कल्पना का संयोजन है।
यह कविताएँ मानव जीवन के विभिन्न चरणों के साथ-साथ देश प्रेम, प्राकृतिक सौंदर्य,नारी शक्ति,देश से युवा, सामाज एवं अध्यात्म पर आधारित हैं जो हमारे देश के नागरिक को जागृत करने की प्रयास करती है। यह किताब पाठक को जीवन के संघर्षों को साहस प्रदर्शन एवं लक्ष्य प्राप्ति का अवसर के रूप समझने के लिए प्रेरित करने का प्रयास करती है।
"अभिनंदिता" जीवन को शिकायतों के बिना स्वीकार कर, जीवन को प्रेम से अपनाकर संवारने का संदेश देती है।
अभिनंदिता
SKU: 9789360944698
₹110.00Price
Author's Name: नम्रता जेना
About the Author: नम्रता का जन्म 29 मई को ओड़िशा के गजपति जिला में हुआ। उनके पिताजी का भारतीय थलसेना में होने के कारण नम्रता का बचपन भारत के विभिन्न राज्यों में बीता। उन्होंने अपनी पढ़ाई की शुरुआत उत्तर प्रदेश के बबीना कैंटोनमेंट में स्थित लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल मेमोरियल स्कूल से की। नम्रता ने ओड़िशा के ब्रह्मपुर में स्थित खलिकोट ऑटोनोमस कॉलेज से प्राणी विज्ञान में स्नातक एवं शिक्षा-स्नातक प्राप्त किया है। उन्होंने प्राणी विज्ञान में आंध्र विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर प्राप्त की है। वर्तमान वह एक शिक्षिका के रुप में अध्यापन का अभ्यास कर रही है। नम्रता को बचपन से कविता लिखने की रुचि है। सन 2017 में, भगिनी निवेदिता की 150वीं जयंती के अवसर पर, छात्र संदेश पत्रिका द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय साहित्यिक उत्सव में उनकी कविता " द करेजियस इंडियन वीमेन " को ओड़िशा में सर्वप्रथम स्थान से सम्मानित किया गया था। Book ISBN: 9789360944698
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