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“अपने रस्ते चले गए” हर्ष पाल की अब तक की सबसे ख़ूबसूरत शायरी और उनके जीवन अनुभवों का संग्रह है। यह किताब सिर्फ़ शायरी का संकलन नहीं, बल्कि प्यार, रिश्तों और दोस्ती की भावनाओं को महसूस करने का सफ़र है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे साधारण शब्द गहरी भावनाओं का रूप लेते हैं और दिल को छू जाते हैं। हर्ष पाल ने अपने जीवन के अनुभवों को शब्दों में पिरोकर पाठकों के सामने रखा है, जो हर दिल को अपनेपन और संवेदनाओं से जोड़ देगा

अपने रस्ते चले गए

SKU: 9798900811260
₹110.00Price
  • Author’s Name: हर्ष पाल

    About the Author: हर्ष पाल का जन्म मुज़फ्फरनगर में हुआ और प्रारंभिक शिक्षा भी वहीं से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने आगरा से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने लेखन की ओर रुझान महसूस किया और छोटे-छोटे विचारों व शायरियों को शब्द देने लगे। धीरे-धीरे यह शौक एक जुनून बन गया और आज उनके वही शब्द इस पुस्तक “अपने रास्ते चले गए” के रूप में आपके सामने हैं। हर्ष मानते हैं कि लेखन दिल की गहराइयों को व्यक्त करने का सबसे सुंदर माध्यम है।

    Book ISBN: 9798900811260

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