यह किताब लिखने का उद्देश्य केवल मेरे मन में आये विचारों को कलम बद्ध करने का हैं। इस में लिखित कविता मेरे प्रियजनों (पिता और पति) को समर्पित हैं जो अब हमारे बीच नहीं हैं। उन तक भी ये संदेश पहुँचे की हम उन्हें बहुत याद करते हैं और बहुत प्रेम भी करते हैं।
अनकही
SKU: 9781807159641
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Author’s Name: Madhu Kanwar Sankhla
About the Author: "मधु कंवर साँखला का जन्म 9 मार्च 1982 को राजस्थान के जोधपुर जिले में हुआ। जोधपुर से ही अपनी स्कूली शिक्षा, स्नाकोत्तर J.N.V.U.जोधपुर से हिंदी में उत्तीर्ण किया। वर्तमान में अध्यापक के रूप में सीनियर सैकंडरी स्कूल में कार्यरत हैं। अपने मन में आये ख्यालों को प्रकट करने के लिए कविता जब वह 16 वर्ष की थी तभी से लिखने लगी थी। कविता संग्रह हेतु मार्ग प्रशस्त हुआ और अब आपके सामने हाजिर हैं 'अनकही, यादों के किस्से'।"
Book ISBN: 9781807159641
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