Description of the Book:
अनकहे ख़याल, मेरी कविताओं का संग्रह है, मैंने अपने खयालो को स्याही में उतारा है. इन खयालो में सभी रंग है, ख़ुशी के, ग़म के, उमंग के.
स्कूल में एक कविता पढ़ी थी, श्री रोशन लाल जैन,जो की हमारे शहर में एक पुस्तक विक्रेता थे, उन्ही की रचना थी। इसी रचना ने मुझे अपने भाव शब्दों में उतारने के लिए प्रेरित किया। उसी कविता की दो लाइने यहाँ लिख रहा हु
कागज़ पर बिखरे मोती है,
जिनको तुम अक्षर कहते हो,
यह प्रेम ह्रदय की हूंके है,
जिनको तुम कविता कहते हो
अनकहे ख़याल
SKU: 9789357216357
₹110.00Price
Author's Name: Krishan Chandak About the Author: I have grown up listening to Gulam Ali and Mehdi Hasan. The poets who wrote those ghazals have always inspired me. I was always intrigued by how these poets think, what makes them write such marvels. I am Techie by education, use poems to express myself. Book ISBN: 9789357216357
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