Description of the Book:
"अनकही
ये जो कविताये हैं..मुझे लगता हैं की ,समाज में घट रही अनेक घटना ओ का वो एक प्रतिबिंब सा हैं l कूछ मेरे अपने अनुभव हैं,तो कूछ अपने आसपास घटी घटना ओ का मानो एक शब्द चित्र हैं l शब्द में बडी शक्ती होती हैं l हम अपनी बात कम से कम शब्द में बयान कर सकते हैं l
मेरी ये कविताये भी एक ऐसा ही प्रयास हैं वो सारी अनकही सी बाते...वो आज इन कविता ओ के रूप में प्रस्तुत हैं की हैं"
अनकही -बात अनकही
SKU: 9789363302396
₹110.00Price
Author's Name: Mrs vijayalaxmi b.sangewar
About the Author: "सौ. विजया लक्ष्मी भारत संगेवार जन्म -30/3/1969 सोशल सायन्स में ग्रॅज्युएशन किया lडॉ.भारत संगेवार से विवाह हुवा lपहेली बार खुशी का अवसर पाया,जब मैं माता बनी l समाज के प्रति अपनी आस्था के कारण,किसी के जीवन सुरक्षा हेतू मैने अपनी किडनी दान दे दी l हरिद्वार से पतंजली द्वारा योग टीचर बनी , योगा क्लास भी लिया lबचपन से लिखना पसंद है l लोकल न्यूज पेपर में आर्टिकल एवम कविता प्रसिद्ध l मराठी और हिंदी कविता लिखने का शौक हैं l" Book ISBN: 9789363302396
.png)
