"यह संकलन एक लंबी, अनंत यात्रा की ख़ामोश दास्ताँ कहता है—जहाँ सपने हैं, कटती पतंगों की कहानी, आँसू, खुशी, पुकार और दर्द सब एक साथ बहते हैं।" हर कविता यात्रा का एक पड़ाव है—मायूसी का मंजर, पहचान की खोज, रिश्तों की डोरी का टूटना, अनसुनी आवाज़ों का दर्द। यहाँ हर डर पर चाहत की किरण, हर आँख के आंसू में उम्मीद, और हर टूटे हिस्से में जुड़ने की पुकार मिलती है। यह संग्रह उन भावों का आईना है जो शब्दों से नहीं, लेकिन अनुभवों से गूंजते हैं। चलिए, इस सफ़र में मिलकर सुनें, महसूस करें और साझा करें—जहाँ कोई अकेला नहीं है।
अनकही आवाज़ें
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