“अधूरा सा मैं” एक एहसासों से भरी ग़ज़ल संग्रह है, जो टूटे रिश्तों, बिखरे जज़्बातों और अधूरे लम्हों की स्याही से लिखी गई है। यह किताब उन सभी के लिए है जो कभी मोहब्बत में मुकम्मल न हो सके, मगर फिर भी उस अधूरेपन को अपनी पहचान बना बैठे। हर शेर एक दबी हुई आह है, और हर ग़ज़ल एक अधूरी कहानी।
अधूरा सा मैं
Author’s Name: अधूरा सा मैं
About the Author: मनजोत सिंह एक संवेदनशील लेखक हैं, जो अधूरे लम्हों और अनकहे जज़्बातों को शायरी में ढालते हैं। उनकी लेखनी दिल से निकलकर सीधे पाठकों के एहसासों को छूती है। “अधूरा सा मैं” उनकी पहली ग़ज़लों की किताब है — जो मोहब्बत, जुदाई और उन पलों की दास्तान है, जिन्हें अक्सर लोग महसूस तो करते हैं, मगर बयां नहीं कर पाते।
Book ISBN: 9798898653439
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